अर्धचालक इलेक्ट्रोनिकी 12th Class science - full story

  अर्धचालक इलेक्ट्रोनिकी 12th Class science - full story

अर्धचालक इलेक्ट्रोनिकी 12th Class science - full story

नीचे कक्षा 12 विज्ञान (भौतिकी) के अध्याय “अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी (Semiconductor Electronics)” की पूर्ण कहानी (Full Story) सरल भाषा, उदाहरणों और क्रमबद्ध रूप में दी जा रही है। यह बोर्ड परीक्षा के लिए बहुत उपयोगी है।

अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी

(Semiconductor Electronics – Full Story)

भूमिका

आज के आधुनिक युग में मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी, कैलकुलेटर, इंटरनेट, सैटेलाइट आदि सभी इलेक्ट्रॉनिक यंत्रों का आधार अर्धचालक (Semiconductor) हैं। अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी का अध्ययन हमें यह समझाता है कि किस प्रकार बहुत छोटे इलेक्ट्रॉनिक अवयवों की सहायता से बड़े-बड़े और जटिल कार्य किए जाते हैं।

1. चालक, कुचालक और अर्धचालक

पदार्थों को विद्युत चालकता के आधार पर तीन वर्गों में बाँटा जाता है—

(i) चालक (Conductors)

जिन पदार्थों में विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित होती है।

उदाहरण: ताँबा, चाँदी, एल्युमिनियम

(ii) कुचालक (Insulators)

जिन पदार्थों में विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती।

उदाहरण: काँच, रबर, लकड़ी

(iii) अर्धचालक (Semiconductors)

जिनकी चालकता चालक और कुचालक के बीच होती है।

उदाहरण: सिलिकॉन (Si), जर्मेनियम (Ge)

2. अर्धचालकों के प्रकार

(A) शुद्ध अर्धचालक (Intrinsic Semiconductor)

शुद्ध सिलिकॉन या जर्मेनियम को शुद्ध अर्धचालक कहते हैं।

इनमें चालकता ताप बढ़ाने पर बढ़ती है।

➡️ इसमें इलेक्ट्रॉनों और होल (रिक्त स्थान) की संख्या बराबर होती है।

(B) अशुद्ध अर्धचालक (Extrinsic Semiconductor)

जब शुद्ध अर्धचालक में थोड़ी मात्रा में अशुद्धि मिलाई जाती है, तो उसकी चालकता बढ़ जाती है।

अशुद्ध अर्धचालक दो प्रकार के होते हैं—

(i) n-प्रकार अर्धचालक

  • पंचसंयोजी (Pentavalent) अशुद्धि मिलाई जाती है
  • जैसे: फॉस्फोरस, आर्सेनिक
  • मुख्य वाहक: इलेक्ट्रॉन

(ii) p-प्रकार अर्धचालक

  • त्रिसंयोजी (Trivalent) अशुद्धि मिलाई जाती है
  • जैसे: बोरॉन, एल्युमिनियम
  • मुख्य वाहक: होल

3. ऊर्जा बैंड सिद्धांत

अर्धचालकों में इलेक्ट्रॉनों की ऊर्जा अवस्थाओं को तीन भागों में बाँटा जाता है—

  1. वैलेंस बैंड – इलेक्ट्रॉनों से भरा रहता है
  2. चालकता बैंड – धारा के लिए जिम्मेदार
  3. ऊर्जा गैप (Forbidden Gap) – वैलेंस और चालकता बैंड के बीच का अंतर

➡️ अर्धचालकों में ऊर्जा गैप छोटा होता है।

4. p-n संधि (PN Junction)

जब p-प्रकार और n-प्रकार अर्धचालक को जोड़ा जाता है तो p-n संधि बनती है।

(i) फॉरवर्ड बायस

  • p को +ve और n को –ve से जोड़ते हैं
  • धारा आसानी से प्रवाहित होती है

(ii) रिवर्स बायस

  • p को –ve और n को +ve से जोड़ते हैं
  • धारा लगभग नहीं बहती

5. अर्धचालक डायोड (Semiconductor Diode)

डायोड एक ऐसा यंत्र है जो धारा को केवल एक दिशा में प्रवाहित होने देता है।

उपयोग

  • रेक्टिफायर के रूप में
  • एसी को डीसी में बदलने में

6. रेक्टिफायर (Rectifier)

(i) अर्ध-तरंग रेक्टिफायर

एसी के केवल आधे भाग को डीसी में बदलता है।

(ii) पूर्ण-तरंग रेक्टिफायर

एसी के दोनों भागों को डीसी में बदलता है।

➡️ अधिक प्रभावी होता है।

7. ट्रांजिस्टर (Transistor)

ट्रांजिस्टर तीन परतों से बना होता है—

  1. एमिटर (Emitter)
  2. बेस (Base)
  3. कलेक्टर (Collector)

प्रकार

  • pnp ट्रांजिस्टर
  • npn ट्रांजिस्टर

उपयोग

  • एम्पलीफायर
  • स्विच के रूप में

8. लॉजिक गेट (Logic Gates)

लॉजिक गेट डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स का आधार हैं।

प्रमुख लॉजिक गेट

  • AND गेट
  • OR गेट
  • NOT गेट

➡️ ये 0 और 1 (बाइनरी सिस्टम) पर कार्य करते हैं।

9. अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी के अनुप्रयोग

  • कंप्यूटर और मोबाइल
  • डिजिटल घड़ियाँ
  • चिकित्सा उपकरण
  • संचार प्रणाली
  • औद्योगिक नियंत्रण प्रणाल

निष्कर्ष

अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी आधुनिक विज्ञान और तकनीक की रीढ़ है। इसके बिना आज के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कल्पना असंभव है। कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिए यह अध्याय परीक्षा और भविष्य की तकनीकी पढ़ाई दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

नीचे कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय “अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी” के लिए

प्रश्न–उत्तर, लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय प्रश्न तथा सारांश सरल भाषा में दिए जा रहे हैं। यह सामग्री बोर्ड परीक्षा के लिए पूरी तरह उपयोगी है।

अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी

(Semiconductor Electronics)

प्रश्न 1. अर्धचालक क्या है?

उत्तर: वह पदार्थ जिसकी विद्युत चालकता चालक और कुचालक के बीच होती है, अर्धचालक कहलाता है।

उदाहरण: सिलिकॉन, जर्मेनियम।

प्रश्न 2. शुद्ध अर्धचालक क्या है?

उत्तर: बिना किसी अशुद्धि के शुद्ध सिलिकॉन या जर्मेनियम को शुद्ध अर्धचालक कहते हैं।

प्रश्न 3. अशुद्ध अर्धचालक क्या है?

उत्तर: जब शुद्ध अर्धचालक में थोड़ी मात्रा में अशुद्धि मिलाई जाती है तो वह अशुद्ध अर्धचालक कहलाता है।

प्रश्न 4. n-प्रकार अर्धचालक में मुख्य वाहक कौन होते हैं?

उत्तर: इलेक्ट्रॉन।

प्रश्न 5. p-प्रकार अर्धचालक में मुख्य वाहक कौन होते हैं?

उत्तर: होल।

प्रश्न 6. होल क्या है?

उत्तर: वैलेंस बैंड में इलेक्ट्रॉन की अनुपस्थिति को होल कहते हैं।

प्रश्न 7. ऊर्जा बैंड गैप क्या है?

उत्तर: वैलेंस बैंड और चालकता बैंड के बीच का अंतर ऊर्जा बैंड गैप कहलाता है।

प्रश्न 8. p-n संधि क्या है?

उत्तर: p-प्रकार और n-प्रकार अर्धचालक को जोड़ने से बनने वाली संधि को p-n संधि कहते हैं।

प्रश्न 9. डायोड क्या है?

उत्तर: डायोड एक अर्धचालक युक्ति है जो धारा को केवल एक दिशा में प्रवाहित होने देती है।

प्रश्न 10. ट्रांजिस्टर के तीन भाग कौन-कौन से हैं?

उत्तर: एमिटर, बेस और कलेक्टर।

2️⃣ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न–उत्तर

(Long Answer Questions)

प्रश्न 1. अर्धचालक के प्रकार समझाइए।

उत्तर:

अर्धचालक दो प्रकार के होते हैं—

1: शुद्ध अर्धचालक:

पूर्णतः शुद्ध सिलिकॉन या जर्मेनियम

इलेक्ट्रॉन और होल की संख्या समान होती है

2:अशुद्ध अर्धचालक:

  • अशुद्धि मिलाकर चालकता बढ़ाई जाती है
  • दो प्रकार:

  •                   n-प्रकार (मुख्य वाहक: इलेक्ट्रॉन)
  •                   p-प्रकार (मुख्य वाहक: होल)

प्रश्न 2. p-n संधि का निर्माण एवं कार्य सिद्धांत समझाइए।

उत्तर:

जब p-प्रकार और n-प्रकार अर्धचालक को जोड़ा जाता है, तो संधि पर एक रिक्त क्षेत्र बनता है जिसे डिप्लीशन लेयर कहते हैं।

  • फॉरवर्ड बायस: धारा प्रवाहित होती है
  • रिवर्स बायस: धारा लगभग नहीं बहती

इस सिद्धांत पर डायोड कार्य करता है।

प्रश्न 3. ट्रांजिस्टर क्या है? इसके उपयोग लिखिए।

उत्तर:

ट्रांजिस्टर तीन परतों वाला अर्धचालक युक्ति है जो धारा का प्रवर्धन करता है।

प्रकार:

  • pnp
  • npn

उपयोग:

  • एम्पलीफायर
  • स्विच
  • रेडियो, टीवी, कंप्यूटर

प्रश्न 4. रेक्टिफायर क्या है? इसके प्रकार बताइए।

उत्तर:

रेक्टिफायर वह युक्ति है जो ए.सी. धारा को डी.सी. धारा में बदलती है।

प्रकार:

  • अर्ध-तरंग रेक्टिफायर
  • पूर्ण-तरंग रेक्टिफायर

3️⃣ बहुत लघु उत्तरीय प्रश्न

(Very Short Answer)

  1. अर्धचालक का उदाहरण — सिलिकॉन
  2. पंचसंयोजी अशुद्धि — फॉस्फोरस
  3. त्रिसंयोजी अशुद्धि — बोरॉन
  4. लॉजिक गेट का आधार — 0 और 1
  5. डायोड का मुख्य उपयोग — रेक्टिफिकेशन

4️⃣ सारांश (Summary)

अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी आधुनिक तकनीक की आधारशिला है। इसमें सिलिकॉन और जर्मेनियम जैसे अर्धचालकों का उपयोग कर विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक युक्तियाँ बनाई जाती हैं। शुद्ध अर्धचालक में चालकता कम होती है, जबकि अशुद्धि मिलाने पर चालकता बढ़ जाती है। p-n संधि से डायोड बनता है जो धारा को एक दिशा में प्रवाहित करता है। ट्रांजिस्टर का उपयोग प्रवर्धन और स्विच के रूप में किया जाता है। कंप्यूटर, मोबाइल, टीवी जैसे सभी आधुनिक उपकरण अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी पर आधारित हैं।

नीचे कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय “अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी” के लिए

MCQ (वस्तुनिष्ठ प्रश्न), एक शब्द/परिभाषा वाले प्रश्न तथा प्रश्न–उत्तर परीक्षा-उपयोगी रूप में दिए जा रहे हैं।

अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी

(Semiconductor Electronics)

1️⃣ बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)

प्रश्न 1. अर्धचालक का उदाहरण कौन-सा है?

A. ताँबा

B. रबर

C. सिलिकॉन

D. लकड़ी

उत्तर: C. सिलिकॉन

प्रश्न 2. शुद्ध अर्धचालक में मुख्य वाहक कौन होते हैं?

A. केवल इलेक्ट्रॉन

B. केवल होल

C. इलेक्ट्रॉन और होल दोनों

D. आयन

उत्तर: C. इलेक्ट्रॉन और होल दोनों

प्रश्न 3. n-प्रकार अर्धचालक में कौन-सी अशुद्धि मिलाई जाती है?

A. त्रिसंयोजी

B. द्विसंयोजी

C. पंचसंयोजी

D. एकसंयोजी

उत्तर: C. पंचसंयोजी

प्रश्न 4. p-प्रकार अर्धचालक में मुख्य वाहक होते हैं—

A. इलेक्ट्रॉन

B. होल

C. प्रोटॉन

D. न्यूट्रॉन

उत्तर: B. होल

प्रश्न 5. वैलेंस बैंड और चालकता बैंड के बीच के अंतर को कहते हैं—

A. बैंड चौड़ाई

B. ऊर्जा गैप

C. चालकता

D. प्रतिरोध

उत्तर: B. ऊर्जा गैप

प्रश्न 6. डायोड में धारा किस स्थिति में प्रवाहित होती है?

A. केवल रिवर्स बायस

B. केवल फॉरवर्ड बायस

C. दोनों में

D. किसी में नहीं

उत्तर: B. केवल फॉरवर्ड बायस

प्रश्न 7. डायोड का मुख्य उपयोग है—

A. प्रवर्धन

B. स्विचिंग

C. रेक्टिफिकेशन

D. दोलन

उत्तर: C. रेक्टिफिकेशन

प्रश्न 8. ट्रांजिस्टर के कितने भाग होते हैं?

A. दो

B. तीन

C. चार

D. पाँच

उत्तर: B. तीन

प्रश्न 9. ट्रांजिस्टर का कौन-सा भाग सबसे पतला होता है?

A. एमिटर

B. बेस

C. कलेक्टर

D. डायोड

उत्तर: B. बेस

प्रश्न 10. लॉजिक गेट किस पर कार्य करते हैं?

A. दशमलव प्रणाली

B. हेक्साडेसिमल

C. बाइनरी (0 और 1)

D. भिन्न

उत्तर: C. बाइनरी (0 और 1)

2️⃣ एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न

(One Word / Definitions)

प्रश्न 1. अर्धचालक की परिभाषा लिखिए।

उत्तर: वह पदार्थ जिसकी विद्युत चालकता चालक और कुचालक के बीच होती है।

प्रश्न 2. होल की परिभाषा लिखिए।

उत्तर: वैलेंस बैंड में इलेक्ट्रॉन की अनुपस्थिति को होल कहते हैं।

प्रश्न 3. शुद्ध अर्धचालक क्या है?

उत्तर: बिना अशुद्धि वाला सिलिकॉन या जर्मेनियम।

प्रश्न 4. अशुद्ध अर्धचालक क्या है?

उत्तर: अशुद्धि मिलाकर तैयार किया गया अर्धचालक।

प्रश्न 5. p-n संधि क्या है?

उत्तर: p-प्रकार और n-प्रकार अर्धचालक के जोड़ से बनी संधि।

प्रश्न 6. डायोड क्या है?

उत्तर: एक दिशा में धारा प्रवाहित करने वाली अर्धचालक युक्ति।

प्रश्न 7. ट्रांजिस्टर क्या है?

उत्तर: प्रवर्धन और स्विचिंग के लिए प्रयुक्त तीन परतों वाली युक्ति।

प्रश्न 8. रेक्टिफायर क्या है?

उत्तर: ए.सी. को डी.सी. में बदलने वाली युक्ति।

3️⃣ प्रश्न–उत्तर

(Question–Answer)

प्रश्न 1. चालक और अर्धचालक में अंतर लिखिए।

उत्तर: चालक में विद्युत धारा आसानी से बहती है जबकि अर्धचालक में सीमित मात्रा में बहती है।

प्रश्न 2. n-प्रकार अर्धचालक क्यों बनता है?

उत्तर: पंचसंयोजी अशुद्धि मिलाने से मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाती है।

प्रश्न 3. p-प्रकार अर्धचालक क्यों बनता है?

उत्तर: त्रिसंयोजी अशुद्धि मिलाने से होल की संख्या बढ़ जाती है।

प्रश्न 4. डायोड को एकदिशीय चालक क्यों कहते हैं?

उत्तर: क्योंकि यह धारा को केवल एक दिशा में प्रवाहित होने देता है।

प्रश्न 5. ट्रांजिस्टर का उपयोग कहाँ होता है?

उत्तर: रेडियो, टीवी, मोबाइल, कंप्यूटर और एम्पलीफायर में।

नीचे कक्षा 12 भौतिकी – अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी के लिए

50 महत्वपूर्ण Objective (वस्तुनिष्ठ) प्रश्न (उत्तर सहित) दिए जा रहे हैं। यह सेट बोर्ड परीक्षा + प्रतियोगी परीक्षा दोनों के लिए बहुत उपयोगी है।

अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी

50 Important Objective Questions (With Answers)

1. अर्धचालक का सर्वोत्तम उदाहरण है—

उत्तर: सिलिकॉन

2. सिलिकॉन किस प्रकार का तत्व है?

उत्तर: चतुर्संयोजी

3. शुद्ध अर्धचालक में वाहक होते हैं—

उत्तर: इलेक्ट्रॉन और होल दोनो

4. शुद्ध अर्धचालक को क्या कहते हैं?

उत्तर: Intrinsic Semiconductor

5. अशुद्ध अर्धचालक को क्या कहते हैं?

उत्तर: Extrinsic Semiconductor

6. n-प्रकार अर्धचालक में मुख्य वाहक होता है—

उत्तर: इलेक्ट्रॉन

7. p-प्रकार अर्धचालक में मुख्य वाहक होता है—

उत्तर: होल

8. n-प्रकार अर्धचालक बनाने में कौन-सी अशुद्धि मिलाई जाती है?

उत्तर: पंचसंयोजी

9. p-प्रकार अर्धचालक बनाने में कौन-सी अशुद्धि मिलाई जाती है?

उत्तर: त्रिसंयोजी

10. पंचसंयोजी अशुद्धि का उदाहरण है—

उत्तर: फॉस्फोरस

11. त्रिसंयोजी अशुद्धि का उदाहरण है—

उत्तर: बोरॉन

12. वैलेंस बैंड में क्या होता है?

उत्तर: बंधे हुए इलेक्ट्रॉन

13. चालकता बैंड में क्या होता है?

उत्तर: मुक्त इलेक्ट्रॉन

14. वैलेंस और चालकता बैंड के बीच के अंतर को कहते हैं—

उत्तर: ऊर्जा गैप

15. अर्धचालक का ऊर्जा गैप होता है—

उत्तर: छोटा

16. p-n संधि किससे बनती है?

उत्तर: p-प्रकार और n-प्रकार अर्धचालक से

17. p-n संधि में रिक्त क्षेत्र को क्या कहते हैं?

उत्तर: डिप्लीशन लेयर

18. डायोड कितने टर्मिनल वाला होता है?

उत्तर: दो

19. डायोड धारा को प्रवाहित करता है—

उत्तर: एक दिशा में

20. डायोड किस सिद्धांत पर कार्य करता है?

उत्तर: p-n संधि

21. डायोड में धारा कब बहती है?

उत्तर: फॉरवर्ड बायस में

22. रिवर्स बायस में धारा होती है—

उत्तर: लगभग शून्य

23. डायोड का मुख्य उपयोग है—

उत्तर: रेक्टिफिकेशन

24. रेक्टिफायर का कार्य है—

उत्तर: AC को DC में बदलना

25. अर्ध-तरंग रेक्टिफायर में उपयोग होता है—

उत्तर: एक डायोड

26. पूर्ण-तरंग रेक्टिफायर में उपयोग होता है—

उत्तर: दो या चार डायोड

27. ट्रांजिस्टर में कितनी परतें होती हैं?

उत्तर: तीन

28. ट्रांजिस्टर के भाग हैं—

उत्तर: एमिटर, बेस, कलेक्टर

29. ट्रांजिस्टर का सबसे पतला भाग है—

उत्तर: बेस

30. ट्रांजिस्टर का उपयोग होता है—

उत्तर: प्रवर्धन में

31. npn ट्रांजिस्टर में मुख्य वाहक होते हैं—

उत्तर: इलेक्ट्रॉन

32. pnp ट्रांजिस्टर में मुख्य वाहक होते हैं—

उत्तर: होल

33. ट्रांजिस्र को किस रूप में प्रयोग किया जा सकता है?

उत्तर: स्विच

34. लॉजिक गेट किस पर आधारित होते हैं?

उत्तर: बाइनरी संख्या प्रणाली

35. AND गेट का आउटपुट 1 कब होता है?

उत्तर: जब सभी इनपुट 1 हों

36. OR गेट का आउटपुट 0 कब होता है?

उत्तर: जब सभी इनपुट 0 हों

37. NOT गेट को क्या कहते हैं?

उत्तर: इन्वर्टर

38. लॉजिक गेट का प्रयोग होता है—

उत्तर: डिजिटल सर्किट में

39. होल वास्तव में क्या है?

उत्तर: इलेक्ट्रॉन की अनुपस्थिति

40. ताप बढ़ाने पर अर्धचालक की चालकता—

उत्तर: बढ़ती है

41. चालक में ताप बढ़ाने पर चालकता—

उत्तर: घटती है

42. डायोड का प्रतीक किससे बनता है?

उत्तर: p-n संधि से

43. किस युक्ति ने इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति लाई?

उत्तर: ट्रांजिस्टर

44. ट्रांजिस्टर ने किसे प्रतिस्थापित किया?

उत्तर: वैक्यूम ट्यूब

45. सिलिकॉन का परमाणु क्रमांक है—

उत्तर: 14

46. जर्मेनियम का परमाणु क्रमांक है—

उत्तर: 32

47. डायोड में फॉरवर्ड वोल्टेज ड्रॉप (Si) होता है—

उत्तर: लगभग 0.7 V

48. डायोड में फॉरवर्ड वोल्टेज ड्रॉप (Ge) होता है—

उत्तर: लगभग 0.3 V

49. आधुनिक कंप्यूटर आधारित हैं—

उत्तर: अर्धचालक पर

50. अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी का आधार है—

उत्तर: सिलिकॉन

अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी – निष्कर्ष (Outro)

इस अध्याय में हमने अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी के मूल सिद्धांतों और उनके व्यावहारिक उपयोगों को विस्तार से समझा। अर्धचालक जैसे सिलिकॉन और जर्मेनियम आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स की आधारशिला हैं। शुद्ध तथा अशुद्ध अर्धचालकों की संरचना, n-प्रकार और p-प्रकार अर्धचालक, ऊर्जा बैंड सिद्धांत तथा होल और इलेक्ट्रॉन की भूमिका हमें यह स्पष्ट करती है कि विद्युत धारा का नियंत्रण किस प्रकार संभव होता है।

p-n संधि का अध्ययन हमें डायोड के कार्य सिद्धांत को समझने में सहायता करता है, जो केवल एक दिशा में धारा प्रवाहित करने की महत्वपूर्ण विशेषता रखता है। इसी सिद्धांत पर आधारित रेक्टिफायर ए.सी. धारा को डी.सी. धारा में परिवर्तित करते हैं, जो लगभग सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए अनिवार्य है। ट्रांजिस्टर, जो तीन परतों से बना होता है, ने वैक्यूम ट्यूब का स्थान लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स की दुनिया में क्रांति ला दी। इसका उपयोग प्रवर्धक, स्विच तथा डिजिटल परिपथों में किया जाता है।

लॉजिक गेट डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स की नींव हैं, जिनके माध्यम से कंप्यूटर और अन्य स्मार्ट उपकरण कार्य करते हैं। आज का संपूर्ण डिजिटल युग—मोबाइल, कंप्यूटर, इंटरनेट, चिकित्सा उपकरण और संचार प्रणाली—अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी पर ही आधारित है।

अतः यह कहा जा सकता है कि अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी न केवल परीक्षा की दृष्टि से बल्कि भविष्य की तकनीकी शिक्षा और व्यावहारिक जीवन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। इस अध्याय की स्पष्ट समझ विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान और तकनीक को समझने की मजबूत नींव प्रदान करती है।



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